त्रिफला रस हमारे पेट में होने वाली सभी समस्याओं को समाप्त करके डाइजेशन को सुचारू रूप से चलने में योगदान करती है | जैसे गैस , कब्ज़ एसिडिटी , भारीपन , खट्टी डकार का आना , पेट परूी तरह साफ़ न होना पेट में भारीपन रहना जैसी अनेक समस्याओं में बहुत ही फायदेमंद रहता है हमारे बिगड़े हुए खानपान की वजह से जो पेट मेंअनेको प्रकार की समस्या हो जाती है| त्रिफला के सेवन से शगुर के रोगियों का पेट साफ़ रहता है जिससे उनका शगुर कंट्रोल करने में भी यह सहायक के रूप के कार्य करता है पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है अमला हमारे कैल्सियम लेबल को मेन्टेन करता है इसके उपयोग से हमारे पेट में फालतू चर्बी नहीं बढ़ पाती इस प्रकार यह फैट को भी कंट्रोल करता है| बढ़ती आयु में अनेक रोगों का जन्म होता है जिसका कारण हमारा खानपान और पेट का सही न रहना है अगर हमारा खान पान और पेट का सिस्टम सही है तो हम उन सभी संभावित समस्याओं से बच सकते है और निरोगी जीवन जी सकते है इसलिए बढ़ती उम्र के साथ श्री नमो त्रिफला रस का सेवन करेंऔर स्वस्थ जीवन जियें |
इस दवा के नियमित प्रयोग सेआपके आँखों की रौशनी बढ़ेगी बालों का टूटना बदं होगा हार्ट की बीमारी सेआपको बचाएगा ब्लड प्रेसर को सामान्य रखेगा नशीले प्रदार्थो के दुस्प्रभाओं से बचाव करता है अस्वगंधा बल प्रदान करता है और हमें स्वस्थ रखता है|
त्रिफला का रस पीने से क्या फायदा होता है?
त्रिफला के फायदे–
- कब्ज दूर करने में सहायक
- पेट में गैस की समस्या (एसिडिटी) से राहत
- आंखों के लिए फायदेमंद
- वजन घटाने और मोटापा कम करने में सहायक
- पाचन शक्ति बढ़ाता है
- बालों का झड़ना रोकता है
- भखू बढ़ाता है
- मत्रू संबंधी समस्याओं में लाभकारी

सेवन विधि – त्रिफला का सेवन दिन में दो बार सबु ह शाम खाली पेट या खाने के आधे घंटे बाद आधे कप पानी में १५ से २० मि ली लेसकतेहै
मुख्य घटक – { पर २० मिली मात्रा }
- अमला – ३ ग्राम
- बहेड़ा – ३ ग्राम
- हरड़ – ३ ग्राम
- एलोवेरा -1 ग्राम
- अश्वगंधा – १ ग्राम
- काला नमक – १ ग्राम