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श्री लिव सिरप 100 & 200 मिली

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श्री लिव हर्बल लिवर  एवं ब्लड प्यूरीफायर सिरप

परिचय

आयुर्वेद के अनुसार स्वस्थ जीवन का आधार है — शुद्ध रक्त, संतुलित पाचन और स्वस्थ यकृत (लिवर)। आधुनिक जीवनशैली में असंतुलित खान-पान, प्रदूषण, तनाव और नशीली वस्तुओं के सेवन से शरीर में विषाक्त तत्व (टॉक्सिन्स) जमा हो जाते हैं। इन कारणों से लिवर की कार्यक्षमता कमजोर होने लगती है, जिससे पाचन विकार, त्वचा रोग, एनीमिया, थकान, एलर्जी, पीलिया और रक्त अशुद्धि जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।

हर्बल लिवर  एवं ब्लड प्यूरीफायर सिरप एक वैज्ञानिक आयुर्वेदिक फॉर्मूलेशन है जिसमें अनेक शक्तिशाली जड़ी-बूटियों का संयोजन है। यह सिरप लिवर को मजबूत बनाता है, पाचन सुधरता है, खून की शुद्धि करता है और शरीर को भीतर से स्वस्थ और ऊर्जावान बनाता है।

मुख्य लाभ

  1. यकृत (लिवर) को मजबूत और सक्रिय करता है।

  2. रक्त की शुद्धि कर त्वचा रोग, खुजली और एलर्जी में लाभकारी।

  3. पीलिया, हैपेटाइटिस और फैटी लिवर जैसी समस्याओं में सहायक।

  4. भूख की कमी, अपच और गैस की समस्या दूर करता है।

  5. शरीर से विषैले तत्व (टॉक्सिन्स) बाहर निकालता है।

  6. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।

  7. एनीमिया और थकान जैसी स्थितियों को दूर करता है।

संपूर्ण स्वास्थ्य और ऊर्जा बनाए रखता है।

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श्री लिव हर्बल लिवर  एवं ब्लड प्यूरीफायर सिरप

परिचय

आयुर्वेद के अनुसार स्वस्थ जीवन का आधार है — शुद्ध रक्त, संतुलित पाचन और स्वस्थ यकृत (लिवर)। आधुनिक जीवनशैली में असंतुलित खान-पान, प्रदूषण, तनाव और नशीली वस्तुओं के सेवन से शरीर में विषाक्त तत्व (टॉक्सिन्स) जमा हो जाते हैं। इन कारणों से लिवर की कार्यक्षमता कमजोर होने लगती है, जिससे पाचन विकार, त्वचा रोग, एनीमिया, थकान, एलर्जी, पीलिया और रक्त अशुद्धि जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।

हर्बल लिवर  एवं ब्लड प्यूरीफायर सिरप एक वैज्ञानिक आयुर्वेदिक फॉर्मूलेशन है जिसमें अनेक शक्तिशाली जड़ी-बूटियों का संयोजन है। यह सिरप लिवर को मजबूत बनाता है, पाचन सुधरता है, खून की शुद्धि करता है और शरीर को भीतर से स्वस्थ और ऊर्जावान बनाता है।

मुख्य लाभ

  1. यकृत (लिवर) को मजबूत और सक्रिय करता है।

  2. रक्त की शुद्धि कर त्वचा रोग, खुजली और एलर्जी में लाभकारी।

  3. पीलिया, हैपेटाइटिस और फैटी लिवर जैसी समस्याओं में सहायक।

  4. भूख की कमी, अपच और गैस की समस्या दूर करता है।

  5. शरीर से विषैले तत्व (टॉक्सिन्स) बाहर निकालता है।

  6. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।

  7. एनीमिया और थकान जैसी स्थितियों को दूर करता है।

  8. संपूर्ण स्वास्थ्य और ऊर्जा बनाए रखता है।

कार्यप्रणाली (Mechanism of Action)

इस सिरप में सम्मिलित औषधियाँ लिवर की कोशिकाओं को पोषण देती हैं और उन्हें पुनर्जीवित करती हैं। कुछ जड़ी-बूटियाँ रक्त को शुद्ध करती हैं, जबकि अन्य पाचन तंत्र को सक्रिय कर शरीर में जमा विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालती हैं। सुन्थि, पिप्पली और काली मिर्च जैसी औषधियाँ त्रिकटु योग का निर्माण करती हैं जो दवाओं का प्रभाव बढ़ाती हैं और मेटाबॉलिज्म को तेज करती हैं। परिणामस्वरूप, यह सिरप लिवर और रक्त से जुड़ी लगभग सभी समस्याओं में कारगर सिद्ध होता है।

फॉर्मूलेशन के घटक और उनके औषधीय गुण

  1. भृंगराज (Bhringraj) – लिवर कोशिकाओं को पुनर्जीवित करता है, पीलिया और हेपेटाइटिस में अत्यधिक लाभकारी।

  2. पुनर्नवा (Punarnava) – शरीर से अतिरिक्त जल बाहर निकालता है, सूजन कम करता है और लिवर टॉनिक है।

  3. पर्पट (Parpat) – रक्त शुद्ध करने और पित्त दोष को संतुलित करने में सहायक।

  4. काकमाची (Kakamachi) – पीलिया, रक्त विकार और लिवर रोगों में विशेष लाभकारी।

  5. चित्रक (Chitrak) – भूख बढ़ाता है, पाचन सुधारता है और लिवर को सक्रिय करता है।

  6. कालमेघ (Kalmegh) – प्राकृतिक एंटीबायोटिक और शक्तिशाली लिवर टॉनिक, हैपेटाइटिस व ज्वर में लाभकारी।

  7. सर्पुनखा (Sharpunkha) – लिवर बढ़ने (Hepatomegaly) और पीलिया जैसी समस्याओं में उपयोगी।

  8. कंटकारी (Kantakari) – श्वसन रोगों के साथ-साथ रक्त और लिवर विकारों में सहायक।

  9. झाबुक (Jhabuk) – रक्त को शुद्ध कर त्वचा रोगों में आराम दिलाता है।

  10. अपामार्ग (Apamarg) – रक्त विकार, पाचन विकार और मूत्र संबंधी समस्याओं में लाभकारी।

  11. कसनी (Kasni) – लिवर का श्रेष्ठ टॉनिक, पीलिया, एनीमिया और पाचन विकारों में उपयोगी।

  12. भूम्यामलकी (Bhumi Amla) – हेपेटाइटिस, पीलिया और लिवर को मजबूत करने की प्रमुख औषधि।

  13. विदंग (Vidang) – कृमिनाशक (Anthelmintic), पेट की सफाई करता है और रक्त को शुद्ध करता है।

  14. काली मिर्च (Kali Mirch) – पाचन सुधारती है , भूख बढ़ाती है और औषधियों का प्रभाव बढ़ाती है।

  15. सुन्थि (Sunthi) – अपच, गैस और सूजन को दूर कर पाचन को मजबूत बनाती है।

  16. पिप्पली (Pipli) – औषधियों का अवशोषण बढ़ाती है, पाचन को दुरुस्त करती है और फेफड़ों व लिवर को मज़बूत करती है।

सेवन विधि

  • वयस्क : प्रतिदिन 2-3 चम्मच (10-15 ml) दिन में दो बार, गुनगुने पानी के साथ।

  • बच्चों के लिए : 5 ml दिन में दो बार, चिकित्सक की सलाह अनुसार।

सावधानियाँ

  • गर्भवती महिलाएँ चिकित्सक की सलाह अनुसार ही सेवन करें।

  • अधिक मात्रा में सेवन न करें।

  • किसी भी गंभीर लिवर रोग या अन्य रोगों में चिकित्सक की देखरेख में उपयोग करें।

निष्कर्ष

श्री लिव हर्बल लीवर एवं ब्लड प्यूरीफायर सिरप एक संपूर्ण आयुर्वेदिक समाधान है जो लिवर और रक्त से जुड़ी समस्याओं को प्राकृतिक रूप से ठीक करता है। यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है, रक्त को शुद्ध करता है और शरीर को ऊर्जावान बनाए रखता है। नियमित सेवन से यह सिरप न केवल लिवर को स्वस्थ रखता है बल्कि त्वचा, रक्त, पाचन और संपूर्ण स्वास्थ्य में भी सुधार लाता है।

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