श्री स्टोन- स्टोन रिमूवर हर्बल कैप्सूल
गुर्दे और पथरी की समस्या के लिए आयुर्वेदिक वरदान
मानव शरीर में गुर्दे (Kidneys) का कार्य रक्त को शुद्ध करना, अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकालना और जल-संतुलन बनाए रखना है। लेकिन बदलती जीवनशैली, असंतुलित खान-पान और पर्याप्त जल न पीने की आदत के कारण गुर्दों में पथरी (Kidney Stone) बनने की समस्या आम हो गई है। पथरी प्रायः कैल्शियम, ऑक्सलेट, यूरिक एसिड और अन्य खनिज लवणों के जमाव से बनती है।
आयुर्वेद में पथरी को अश्मरी रोग कहा गया है। इसका मुख्य कारण वात, पित्त और कफ दोषों का असंतुलन है, जिसके कारण मूत्र मार्ग में पथरी का निर्माण होता है। आधुनिक चिकित्सा पथरी को तोड़ने या शल्यक्रिया से निकालने की सलाह देती है, लेकिन आयुर्वेदिक उपचार प्राकृतिक तरीके से पथरी को गलाकर और मूत्र मार्ग से बाहर निकालकर स्थायी समाधान प्रदान करता है।
स्टोन रिमूवर हर्बल कैप्सूल एक विशिष्ट आयुर्वेदिक सूत्र है, जिसमें कई शक्तिशाली जड़ी-बूटियाँ और खनिज मिलकर पथरी को प्राकृतिक रूप से गलाने और बाहर निकालने का कार्य करते हैं।
निर्माण सूत्र (Formulation)
- गोरखबूटी (Gorakhbuti)
- पत्थरचूर (Pattharchoor)
- कुलथी दाल (Kulthi Dal)
- वरुण छाल (Varun Chhal)
- कलमी सोडा (Kalmi Sora)
- गोखरू बीज (Gokhru Seeds)
- बरबेल (Barbel)
- कंटकारी (Kantkari)
- बेल पत्र भस्म (Belpatthar Bhasma)
- श्वेत पर्पटी शुद्ध (Shwet Parpati Shudh)
- शुद्ध शिलाजीत (Shudh Shilajeet)
प्रमुख घटकों का वर्णन और औषधीय गुण
1. गोरखबूटी (Gorakhbuti)
- मूत्रवर्धक गुणों से युक्त।
- मूत्र मार्ग की रुकावट और जलन को कम करता है।
- गुर्दे की सूजन व संक्रमण में लाभकारी।
2. पत्थरचूर (Pattharchoor)
- नाम से ही स्पष्ट है कि यह पथरी को गलाने वाली प्रमुख औषधि है।
- मूत्राशय और गुर्दों की पथरी को तोड़कर छोटे-छोटे कणों में बाहर निकालता है।
- पेशाब की रुकावट और दर्द में तुरंत आराम दिलाता है।
3. कुलथी दाल (Kulthi Dal)
- आयुर्वेद में “अश्मरी नाशक” के रूप में प्रसिद्ध।
- यूरिक एसिड और कैल्शियम ऑक्सलेट पथरी को घोलने में प्रभावी।
- मूत्रवर्धक और किडनी की कार्यक्षमता बढ़ाने वाली।
4. वरुण छाल (Varun Chhal)
- मूत्र रोगों की श्रेष्ठ औषधि।
- पथरी बनने की प्रक्रिया को रोकता है।
- मूत्र नली को साफ करता है और सूजन दूर करता है।
5. कलमी सोडा (Kalmi Sora)
- मूत्र की अम्लीयता को संतुलित करता है।
- यूरिक एसिड की अधिकता को कम करता है।
- मूत्रमार्ग को साफ रखता है।
6. गोखरू बीज (Gokhru Seeds)
- मूत्रवर्धक और किडनी टॉनिक।
- मूत्र संबंधी संक्रमण और सूजन दूर करता है।
- पथरी के दर्द और जलन को कम करता है।
7. बरबेल (Barbel)
- पाचन और मूत्र प्रणाली को संतुलित करता है।
- विषैले पदार्थ बाहर निकालने में सहायक।
- किडनी को स्वस्थ बनाए रखता है।
8. कंटकारी (Kantkari)
- मूत्र रोगों और सूजन में उपयोगी।
- दर्द निवारक गुणों से युक्त।
- पथरी के कारण उत्पन्न जलन और चुभन में लाभकारी।
9. बेल पत्थर भस्म (Belpatthar Bhasma)
- किडनी को शक्ति प्रदान करता है।
- मूत्र को शुद्ध करता है और पथरी की पुनरावृत्ति को रोकता है।
- वात-पित्त-कफ का संतुलन बनाए रखता है।
10. श्वेत पर्पटी शुद्ध (Shwet Parpati Shudh)
- मूत्र रोगों की विशेष औषधि।
- पेशाब की जलन, रुकावट और बार-बार मूत्र आने की समस्या दूर करता है।
- किडनी व मूत्राशय को स्वच्छ रखता है।
11. शुद्ध शिलाजीत (Shudh Shilajeet)
- आयुर्वेद का सर्वोत्तम “रसायन”।
- शरीर से विषैले तत्व निकालता है।
- किडनी को मजबूती देता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
कार्यप्रणाली (Mode of Action)
- पथरी को धीरे-धीरे गलाकर छोटे कणों में बदलता है।
- मूत्र को क्षारीय बनाकर पथरी के कण आसानी से बाहर निकालता है।
- मूत्र नली की रुकावट, दर्द और जलन को कम करता है।
- किडनी और मूत्राशय को संक्रमण से मुक्त रखता है।
- पथरी की पुनरावृत्ति (दोबारा बनने) को रोकता है।
लाभ (Benefits)
- किडनी और मूत्राशय की पथरी गलाने में सहायक।
- पेशाब में जलन, रुकावट और दर्द दूर करता है।
- बार-बार पथरी बनने की समस्या को रोकता है।
- मूत्र मार्ग के संक्रमण (UTI) से राहत।
- गुर्दे की कार्यक्षमता में सुधार।
- सूजन और भारीपन की समस्या दूर करता है।
सेवन विधि (Dosage)
- सामान्यतः 1-2 कैप्सूल दिन में दो बार गुनगुने पानी या दूध के साथ लेना चाहिए।
- चिकित्सक की सलाह अनुसार मात्रा समायोजित की जा सकती है।
आहार व परहेज़
- अधिक पानी पिएं (8–10 गिलास प्रतिदिन)।
- खट्टे फल जैसे नींबू, मौसमी का सेवन करें।
- टमाटर, पालक, भिंडी, बैंगन, चाय, कॉफी, सोडा ड्रिंक और अधिक नमक से बचें।
- हल्का, सुपाच्य और कम मसालेदार भोजन करें।
निष्कर्ष
श्री स्टोन- रिमूवर हर्बल कैप्सूल आयुर्वेद पर आधारित एक सुरक्षित और प्रभावी औषधि है, जो पथरी को प्राकृतिक रूप से गलाकर बाहर निकालने में मदद करती है। यह न केवल पथरी के दर्द और जलन से राहत दिलाती है बल्कि किडनी को मजबूत बनाकर पथरी बनने की प्रवृत्ति को भी रोकती है।
नियमित सेवन, उचित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से पथरी जैसी जटिल समस्या से स्थायी रूप से छुटकारा पाया जा सकता है।


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